Dhanteras kyo manate hai? 2019


धनतेरस कार्तिक माह की कृष्णपक्ष की त्रयोदशी के दिन मनाया जाता है। इस दिन आयुर्वेद के जन्मदाता भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था, इसलिए धनतेरस को धन्वंतरि जयंती भी कहते हैं।
विभिन्न पुराणोंक्तयों के अनुसार समुद्र मंथन के समय निकलने वाले चौदह रत्नों में से एक नाम धन्वतरि का भी है। इन्हें भगवान नारायण का अवतार भी माना गया है।
समुद्रमंथन

धन तेरस के दिन बर्तन क्यों खरीदते हैं:

क्योंकि सागर से भगवान धन्वंतरि का प्रादुर्भाव हाथों में अमृत स्वर्ण कलश लिए हुए हुआ था। यही कारण है कि इस दिन घर में नए बर्तन खरीदने की परंपरा है।

धन्वंतरि जयंती:

माना जाता है कि समुद्र मंथन के समय धन्वंतरि के साथ ही कई दुर्लभ औसधियाँ भी निकलीं इसी कारण इन्हें वैद्य भी कहते हैं। इन्होंने आयुर्वेदिक चिकित्सापद्धति में बहुत योगदान दिया इसी कारण धन्वंतरि जयंती के दिन इनकी पूजा होती है।

            श्री धन्वंतरि मंत्र: ओउम धनवन्तराये नमः।।

कुबेर पूजा:

कुबेर को धनरक्षक देवता माना जाता है। इसलिए दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के दो दिन पूर्व इनकी पूजा की जाती है।
                             श्री कुबेर मंत्र: 
        ओउम यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धंधान्याधिपतये                          धंधान्यासमृद्धिम मे देहि दापय स्वाहा।।


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