पुराने शब्दों के नए अर्थ
श ब्द वही रहते हैं अर्थ बदल जाते हैं। लोग शब्दों को लाभ लोभ के लालच में नया अर्थ दे देते हैं। जैसे कि एक बहु प्रचलित छोटा सा वाक्य है 'पुरानी सोंच' आपने भी कई बार प्रयोग किया होगा बातचीत मे? मैने भी कई बार प्रयोग किया है। यह शब्द ,शब्द नहीं ब्रह्मास्त्र है, अमोघ है। क्या आप नहीं मानते ? मै याद दिलाता हूं आपको। शायद आप अपने भीतर छुपी इस अपार शक्ति के प्रयोग करने की क्षमता को भूल चुके हैं। पिछले सप्ताह जब आपने किसी मूवी का ट्रेलर देखा था जिसमें संस्कृति से जुड़े पहलुओं पर प्रकाश डाला गया था। तब आपके दोस्त ने कहा यार कैसी मूवी देखता है तू? पुरानी सोंच ! और उसका ये कहना और आपकी संस्कृति निष्ठा का विचार विकार की भांति त्याग देना। यूहीं नही हो गया । बल्कि ये कथित ब्रह्मास्त्र के प्रहार से हुआ । जिसके चलाने के लिए दिमाग नही केवल मुहं मात्र खोलना है , और सामने वाले व्यक्ति विचार से असहमति दिखाते हुए बोल देना है 'पुरानी सोंच'! बस सामने वाला उसका अर्थ ' पुरानी सोंच मतलब घटिया सोच ' ही निकलेगा। और फिर इस ब्रह्मास्त्र से उतपन्न अग्नि को कूल बनकर शांत करने के लिए आप न...