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A horror painting | एक रहस्यमयी पेंटिंग

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आ ज लाइब्रेरी में रोज की तरह शांति नहीं थी, इसलिए वह शांत जगह की तलाश करने लगा, क्योंकि उसे शांति से न्यूज़ पढ़ना अच्छा लगता था। आज उसे लाइब्रेरी की पुरानी दीवार के पास  बैठना पड़ा।  पुरानी दीवार के सामने दो किताबों से भरी अलमारियां रखी थीं । दोनों के बीच कुछ जगह भी थी, जहां एक टेबल रखी थी और उसके चारों तरफ बैठने के लिए कुर्सियां। टेबल के किनारे उसी दीवार  पर एक पुरानी खिड़की लगी थी, जिससे देखने पर यूकेलिप्टस के लंबे पेड़ों गहनता, ... पीछे ऊंची अरावली की एक पहाड़ी भी थी जससे उस कथित लिप्ट्स वन में प्रकाश की एक किरण भी मुश्किल से ही पहुंचती थी, जो किसी को भी रात में भयाक्रांत करने के लिए काफी थी, दिखाई देती थी। यद्यपि शांति की वजह से पढ़ने के लिए यह जगह बिल्कुल उपयुक्त थी फिर भी शायद ही कभी कोई यहां पढ़ना चाहता था । क्योंकि:- खिड़की के ऊपर एक अजीब सी पेंटिंग लगी हुई थी। उस पेंटिंग को जो भी देखता वो उसमें खो सा जाता था। भूमेश का ध्यान भी रह रह कर उसी पेंटिंग की तरफ जा रहा था। ऐसा क्या था उस पेंटिंग में? दो दिन बाद - आज भूमेश सुबह सोकर उठा ।उसने अपना मोबाइल उठाया उसके फ़ोन पर बहुत सार...

Hostel ki ek horror night । होस्टल की एक डरावनी रात

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(यह एक काल्पनिक कहानी है, केवल मनोरंजन हेतु लिखित) क्ला स टेस्ट शुरू ही होनें वाले थे कुछ दिनों में। मैं अपने होस्टल के कमरे में अकेले बैठ कर नोटबुक  पढ़ रहा था तभी पीछे से मेरे कंधे पर किसी ने हाथ रखा.......................................... मैं चौक गया।  " अरे क्या हुआ? " किसी ने कहा , ये अमित था जो मेरे सामने के कमरे में रहता था। उसने कहा - 09: 00 बज गए हैं भाई खाना नही खाना क्या? मैंने बोला हां यार चल तूने तो मुझे डरा ही दिया था।  दोस्तों मैं इसलिए अकेले रह रहा था क्योंकि मेरे रूममेट मयंक ने मेरा रूम छोड़ दिया था और अपने दोस्त मृदुल के साथ रहने लगा था। हम मेस (भोजनालय) में गए । मैंने राजमा चावल  लिया और प्लेट टेबल पर रख कर जल्दी जल्दी खाने लगा। "अरे आज तो तू राक्षसों की तरह खा रहा है" - मुकेश ने कहा , ये अमित का रूममेट था जो जल्दी खाने के लिए आ गया था। मैंने उसकी तरफ ध्यान नही दिया। क्योंकि कॉलेज से लेट आने के बाद मैं सो गया था और बस कुछ समय पहले ही पढ़ना शुरू किया था मैं डिस्टर्ब नही होना चाहता था, यद्यपि मुकेश भी मेरा दोस्त ही था।  अभी सब खाना खा रहे थे लेकि...